Wednesday, January 4, 2012

कवि 'नीरज'की जन्म तिथि - ४ जनवरी - को उनकी यादमें


फिल्म - नयी उम्रकी नई फसल - संगीतः रोशन; गायकः मोहम्मद रफी

खुशी जिसने खोजी वो धन लेके लौटा
हसीं जिसने खोजी वो चमन लेके लौटा
मगर प्यारको खोजने जो चला वो
न तन लेके लौटा न मन लेके लौटा

सुबह न आई, शाम न आई
जिस दिन तेरी याद न आई, याद न आई
सुबह न आई, शाम न आइ.
कैसी लगन लगी ये तुझसे,कैसी लगन ये लगी,
जिस दिन तेरी याद न आई,याद न आई
हसीं खो गई,खुशी खो गई
आंसु तक सब रहन हो गयें
अर्थी तक सब निलाम हो गई [२]
दुनियाने दुश्मनी निभाई,याद न आई
सुबह न आई, शाम न आई
तुम मिल जाते तो होती पूरी अपनी राम कहानी
धर धर ताज महल बन जाता,गंगाजल आंखोंका पानी
सांसोने हथकडी लगाई, याद न आई
सुबह न आई, शाम न आई
जैसे भी हो, तुम आ जाओ,
आग लगी है तनमें और मनमें [२]
एक तारकी दूरी है [२]
बस दामन और कफनमें
हुई मौतके साथ सगाई, याद न आई.

आ जाओ,        जाओ,                 जाओ

फिल्म - चा चा चा - संगीतः इकबाल कुरेशी ; गायकः मोहम्मद रफी
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